Hit enter after type your search item

Giloy क्या होती है | जानिए गिलोय के 20 चौंका देने वाले फायदे

वर्तमान समय में  यदि 100 रोगों की एक औषधि की बात कही जाए तो उसमें सबसे पहला नाम Giloy [गिलोय] का आता है।

आय दिन डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों में भी डॉक्टर हमें Giloy Juice का सेवन करने की सलाह देते हैं।

Giloy [गिलोय] क्या होती है ? तथा Giloy [Giloy Juice] का सेवन करने से क्या फायदे [Giloy Benefits] हैं?

आज के इस ब्लॉग में हम आपको यही सब बताने वाले हैं।

Table of Contents [विषयसूची]

गिलोय क्या होती है | What Is Giloy ?

Giloy [गिलोय] के संदर्भ में यह कहा जाता है कि समुद्र मंथन के दौरान निकलने वाले अमृत की बूंदें जिस-जिस जगह पर भी पड़ीं , वहां पर  गिलोय की उत्पत्ति हुई। शायद इसी वजह से इसे संस्कृत में अमृता भी कहा जाता है। Giloy [गिलोय] को गुडुची, अमृतावल्ली, गुलवेल, गालों, अमृतबेल, गुलवेल, पालो, अंबरबेल तथा मधुपर्णी जैसे तमाम नामों से भी जाना जाता है।

Giloy [गिलोय] एक कभी ना सूखने वाली बड़ी लता होती है, जिसका तना देखने में किसी रस्सी की भांति दिखाई पड़ता है। गिलोय में पीले तथा हरे रंग के फूलों के गुच्छे भी लगते हैं। इसके पत्ते बेहद ही कोमल तथा पान के जैसे होते हैं एवं इसमें लगने वाले फल किसी मटर के दाने की तरह दिखाई देते हैं। Giloy [गिलोय] के पत्ते पान के पत्ते की भांति दिखाई प्रतीत होते हैं और जिस पौधे पर भी गिलोय की बेल चढ़ जाती है वह उसको समाप्त नहीं होने देती।

आयुर्वेद में भी गिलोय के बहुत सारे लाभ बताए गए हैं। गिलोय ना सिर्फ आपको स्वस्थ ही रखता है बल्कि आपकी सुंदरता को निखारने का भी काम करता है।

 

what-is-giloy-20-giloy-benefits-in-hindi

 

Giloy [गिलोय] का सेवन करने से निम्नलिखित 20 चमत्कारी फायदे होते हैं| Following  Are The 20 Benefits of Consuming Giloy

 

01. Giloy के द्वारा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है | Immunity Can Be Increased By Giloy

गिलोय का सेवन करने से व्यक्ति के अंदर उसके रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा मिलता है तथा यह उस व्यक्ति को रोगों से दूर रखती है। यहाँ तक कि कोरोनावायरस जैसी बीमारी में भी गिलोय का बहुत महत्व है।

02. शरीर की सफाई में सहायक | Helpful In Body Cleaning

गिलोय में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करते हैं। गिलोय का सेवन करने से यह ना सिर्फ हमारे रक्त को ही साफ करती है बल्कि बैक्टीरिया से लड़ने का भी काम करती है। यही कारण है कि लिवर और किडनी जैसी बीमारी में भी गिलोय बहुत लाभदायक मानी जाती है।

03. बुखार के लिए रामबाण औषधि है गिलोय | Giloy Is A Panacea For Fever

यदि कोई व्यक्ति बार-बार बुखार से पीड़ित हो जाता है तो उसे गिलोय के रस का सेवन करना चाहिए ! बुखार के मरीजों लिए गिलोय एक रामबाण औषधि का काम करती है। गिलोय प्रत्येक प्रकार के बुखार से लड़ने में मदद करती है। शायद यही कारण है कि डेंगू के रोगियों को भी गिलोय के सेवन की सलाह दी जाती है। सिर्फ डेंगू ही नहीं बल्कि डेंगू के अलावा मलेरिया और स्वाइन फ्लू जैसे बुखारों में भी गिलोय बहुत ही लाभकारी है।

04. डायबिटीज के मरीजों के लिए है सहायक | Helpful For Diabetic Patients

डायबिटीज के मरीजों के लिए भी गिलोय काफी सहायक होती है। यह मनुष्य के रक्त में शर्करा की मात्रा को कम करती है। जिसकी वजह से डायबिटीज के मरीजों को बहुत लाभ मिलता है।

05. तनाव जैसी स्थिति में भी सहायक | Helpful Even In Stressful Situations

आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में तनाव एक बहुत ही बड़ी समस्या बन चुकी है। ऐसी परिस्थिति में गिलोय एक एडेप्टोजन की तरह काम करती है तथा मानसिक तनाव एवं चिंता के स्तर को कम करने का काम करती है। गिलोय का सेवन करने से ना सिर्फ मनुष्य की स्मृति शक्ति ही अच्छी होती है बल्कि दिमाग की कार्यप्रणाली और एकाग्रता भी सुधरती है।

06. एनीमिया में सहायक | Helpful In Anemia

भारत में अधिकांश महिलाओं को एनीमिया शिकायत हो जाती है। जिससे उनमें रक्त की कमी हो जाती है। ऐसा हो जाने के कारण महिलाओं में थकान की समस्या पनपने लगती है। ऐसी परिस्थिति में भी गिलोय का सेवन करना महिलाओं के लिए काफी लाभदायक सिद्ध होता है।

07. सौंदर्य बढ़ाने में गिलोय का महत्व | Importance Of Giloy In Enhancing Beauty

गिलोय ना सिर्फ हमारे शरीर के लिए ही बहुत लाभकारी है बल्कि गिलोय का सेवन करने से हमारे शरीर की त्वचा एवं वालों पर भी बहुत अच्छा प्रभाव पड़ता है तथा यह हमारे सौंदर्य को बढ़ाने का भी काम करती है।

08. आंखों के रोगों में भी फायदेमंद है गिलोय | Giloy Is Also Beneficial In Eye Diseases

गिलोय के औषधीय गुण हमारी आंखों के रोगों से राहत दिलाने में भी हमारी बहुत मदद करते हैं हम गिलोय का काजल बना कर भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं इससे आंखों की चुभन के साथ-साथ काला तथा सफेद मोतियाबिंद जैसे रोग भी ठीक हो जाते हैं।

09. गिलोय का सेवन करने से उल्टी भी रूकती है | Vomiting Also Stops By Consuming Giloy

यदि आपको एसिडिटी के कारणवश उल्टी होती है तो आप 10ml गिलोय रस में 4 से 6 ग्राम मिश्री मिलाकर सुबह शाम इसका सेवन कर सकते हैं। ऐसा करने से उल्टी बंद हो जाती है। गिलोय के 10 से 20 एम एल रस के साथ गुड़ और मिश्री के साथ सेवन करने से एसिडिटी की बीमारी में काफी फायदा मिलता है।

10. कान की बीमारी में फायदेमंद है गिलोय | Giloy Is Beneficial In Ear Disease.

गिलोय के तने को पानी में घिसकर हल्का गुनगुना करके कानों में दिन में दो बार दो-दो बूंद डालने से हमारे कान का मैल साफ होता है। इस तरह से यह हमारे कानों की मैल को साफ करने का काम भी करती है।

11. हिचकी रोकने में सहायक | Helpful With Hiccups

गिलोय को सौंठ के चूर्ण के साथ मिलाकर सूंघने से हिचकी बंद की जा सकती है। इसके अलावा यदि गिलोय के चूर्ण एवं सोंठ के चूर्ण की चटनी बनाकर इसको दूध के साथ मिलाकर सेवन किया जाए, तब उससे भी हिचकी आना बंद हो जाती है।

12. टीबी रोगियों के लिए बेहद ही फायदेमंद है गिलोय | Giloy Is Very Beneficial For TB Patients

गिलोय को अश्वगंधा, दशमूल, अडूसा, अतीश, शतावर, पोहकरमूल तथा बलामूल के साथ बराबर-बराबर भाग में लेकर इसका काढ़ा बनाने के पश्चात यदि उस काढ़े का सुबह और शाम सेवन किया जाए तो ऐसा करने से टीबी की बीमारी में भी काफी मदद मिलती है।

13. कब्ज की बीमारी में है सहायक | Helpful In Constipation

यदि 10 से 20 मिलीलीटर गिलोय रस के साथ गुड़ का सेवन किया जाए तो इससे कब्ज में काफी फायदा मिलता है। ऐसा करने के लिए शॉर्ट अतीश मोथा एवं गिलोय को बराबर बराबर भाग में पानी में खौला कर काढ़ा बनाया जाता है तथा उस काढ़े का सेवन सुबह और शाम (20ml) किया जाता है।

14. बवासीर के ईलाज में गिलोय का महत्व | Importance of Giloy In The Treatment of Piles

गिलोय को धनिया एवं हरड़ के साथ बराबर-बराबर भाग में बांटकर आधे लीटर में पानी में पका लें। जब इसकी मात्रा एक चौथाई रह जाए तो इसको खौलाते हुए इसका काढ़ा बना लें एवं इस काढ़े में थोड़ा गुड़ मिलाकर सुबह और शाम इसका सेवन करें। ऐसा करने से बवासीर की बीमारी में काफी फायदा होता है।

15. लिवर की बीमारी में सहायक | Helpful In Liver Disease

18 ग्राम ताजी गिलोय को दो नग छोटी पीपल एवं दो नग नीम तथा 2 ग्राम अजमोद के साथ मिलाकर सेक लें तथा इसको सेंकने के पश्चात मसलकर 250ML पानी में मिट्टी के बर्तन में रख दें तथा सुबह इसको पीसने एवं छानने के पश्चात इसका सेवन करें।
मात्र 15 से 30 दिनों तक इसका इस तरह से सेवन करने से लिवर व पेट की अधिकतम समस्याएं समाप्त हो जाती हैं।

16. मूत्र रोग (रुक रुक कर पेशाब होना) में गिलोय से लाभ | Benefits of Giloy In Urinary Disease (Intermittent Urination)

यदि आपको रुक रुक कर पेशाब आने की समस्या है तो गिलोय के 10 से 20ML रस में 2 ग्राम पाषाणभेद चूर्ण और एक चम्मच शहद मिला लें। इसे दिन में तीन चार बार सेवन करने से रुक-रुक कर पेशाब आने की समस्या हल हो जाती है।

17. गठिया रोगियों के लिए वरदान है गिलोय | Giloy Is A Boon For Arthritis Patients

गिलोय के 10ml रस या 3 से 6 ग्राम चूर्ण का सेवन करने से गठिया रोगियों को बहुत अधिक फायदा मिलता है। इसका सेवन सौंठ के साथ मिलाकर भी किया जा सकता है।

18. कुष्ठ रोगियों के लिए काफी महत्वपूर्ण है गिलोय | Giloy Is Very Important For Leprosy Patients

10 से 20 ML गिलोय के रस को दिन में दो तीन बार कुछ महीनों तक नियमित सेवन कराने से कुष्ठ रोगियों को भी काफी अधिक लाभ मिलता है।

19. स्वस्थ हृदय के लिए गिलोय का सेवन काफी फायदेमंद होता है | Consumption of Giloy Is Very Beneficial For A Healthy Heart

गिलोय एवं काली मिर्च को मिलाकर गुनगुने जल के साथ सेवन करने से सीने का दर्द ठीक होता है।

20. कैंसर की बीमारी में सहायक | Helpful In Cancer

बहुत से शोध एवं रिसर्च के अनुसार यह बात सामने आई है कि यदि गिलोय का सही तरह से प्रयोग किया जाए तो कैंसर जैसे भयानक रोगों को ठीक करने में भी काफी मदद मिलती है।

गिलोय के साइड इफेक्ट्स | Side Effects Of Giloy

  • क्या गिलोय को रोजाना लिया जा सकता है? Can Giloy Be Taken Daily ? 
  • क्या गिलोय के कोई दुष्प्रभाव हैं? Is There Any Side Effects of Giloy?

गिलोय को यदि नियमित रूप से भी प्रयोग करें तब भी इसके कोई गंभीर दुष्परिणाम अभी तक सामने नहीं आए हैं। परंतु जैसाकि हमने आपको बताया कि गिलोय का सेवन करने से शरीर में रक्त के अंदर शर्करा की मात्रा कम हो जाती है। इसीलिए इसका प्रयोग करते समय ब्लड शुगर को ध्यान में रखना चाहिए। इसके अलावा गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी गिलोय का सेवन नहीं करना चाहिए।

 

यह भी पढ़ें:

 

Note: हमारे द्वारा दी गई यह जानकारी काफी रिसर्च  एवं गहन अध्ययन आदि के पश्चात ही दी गई है। परंतु फिर भी किसी भी प्रकार का उपचार करवाने से पहले एक बार डॉक्टरी परामर्श अवश्य लें !

उम्मीद करते हैं कि आपको हमारी यह जानकारी अवश्य पसंद आई होगी। आप कमेंट सेक्शन में जाकर हमारे साथ अपनी राय को साझा कर सकते हैं। यदि आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई हो तो इसे अधिक से अधिक लोगों के बीच शेयर अवश्य करें !

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This div height required for enabling the sticky sidebar