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How To Save Money | पैसे बचाने के 10 आसान तरीके

कहते हैं जीवन में पैसा (Money) ही सब कुछ नहीं होता। हालांकि यह बात बिल्कुल सत्य है कि जीवन में सब कुछ पैसा (Money) ही नहीं होता। परंतु यह भी सत्य है कि जीवन में बेशक पैसा (Money) ही सब कुछ नहीं होता है लेकिन बहुत कुछ अवश्य होता है।

पैसा (Money) एक ऐसी चीज है जिसकी कमी कई ना सिर्फ अनेकों लोगों के जीवन में डिप्रेशन का कारण ही बनती है, बल्कि कई बार यह हमारे परिवार के सदस्यों के बीच आंतरिक कलह भी उत्पन्न करती है।

सही मायने में कहा जाए तो हमारे जीवन में पैसों का बहुत महत्व होता है। इसलिए हमें पैसों को बहुत ही सोच समझ कर खर्च करना चाहिए। परंतु कई बार हम लोग चाहकर भी पैसे नहीं बचा पाते और हमारे जीवन में हमेशा ही पैसों की कमी बनी रहती है।

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हम सभी व्यक्ति को आमदनी का एक निश्चित हिस्सा अपनी बचत के रूप में जमा करना चाहिए। आमतौर पर माना जाता है कि हमें अपनी सैलरी का 25% हिस्सा बुरे समय में जरूरत पड़ने के लिए बचाकर रखना चाहिए। उदाहरण के लिए यदि आपकी सैलरी 20000/- है तो आपको हर महीने कम से कम ₹5000 की बचत अवश्य करनी चाहिए।

हमारे द्वारा प्रत्येक महीने की जाने वाली यही सेविंग हमारे बुरे वक्त में हमारे काम आ सकती है। जिसके कारण बस हमें दूसरे किसी व्यक्ति के कारण हाथ नहीं फैलाने पड़ेंगे और ना ही भारी भरकम ब्याज पर पैसे (Money) ही लेने की कोई आवश्यकता पड़ेगी।

आज की इस पोस्ट में हम आपको पैसे बचाने के 10 महत्वपूर्ण तरीकों (10 Ways To Save Money In Hindi) से अवगत कराएंगे। यदि आप हमारी बताई गई बातों पर अमल करेंगे तो अवश्य ही अपने जीवन में पैसे बचा पाएंगे।

Table of Contents [विषयसूची]

How To Save Money | पैसे बचाने के 10 आसान तरीके

01- व्यक्तिगत ब्याज पर ना लें पैसा | Don’t Take Money on Personal Interest

आमतौर पर यह देखा जाता है कि जरूरत के समय पर हम व्यक्तिगत तौर पर किसी व्यक्ति से भारी भरकम ब्याज पर पैसे उधार ले लेते हैं। हालांकि इसके बहुत से कारण हो सकते हैं और बहुत बार व्यक्ति को पैसों की बहुत ही आपातकालीन आवश्यकता पड़ जाती है। ऐसे में वे पैसों के लिए इस कदम को उठा लेते हैं।

परंतु सही मायने में कहा जाए तो हमें कभी भी व्यक्तिगत तौर पर भारी ब्याज पर पैसे नहीं लेनी चाहिए। क्योंकि इसके पश्चात हमारी आमदनी का एक बड़ा हिस्सा सिर्फ ब्याज देने में ही खर्च हो जाता है। बड़े बुजुर्गों ने भी कहा है कि ब्याज का पैसा कभी नहीं फलता। और एक बार ब्याज पर पैसा ले लेने पर यह ब्याज का पैसा हमेशा बढ़ता ही रहता है। जिसकी वजह से हमें अपने जीवन में बहुत से आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ता है।

इसलिए जहां तक हो अपनी जान पहचान या सेविंग के पैसों की बदौलत ही अपना काम निकालने का प्रयास करना चाहिए।

02- अनावश्यक खर्चों में कटौती | Cut Unnecessary Expenses

आमतौर पर यह देखा जाता है कि जब हमारी सैलरी बहुत अच्छी होती है या हमें हमारे बिजनेस में काफी मुनाफा होता है तो उस समय हम अनेकों प्रकार के अनावश्यक खर्चों में भी बढ़ोतरी कर देते हैं।

उदाहरण के लिए बिना जरूरत के महंगी गाड़ी खरीद लेना, कपड़ों की शॉपिंग करना या अलग-अलग जगह पर जाकर पार्टी आदि करके अनावश्यक रूप से पैसों को खर्च करना।

परंतु हमें ऐसा नहीं करना चाहिए। पैसों की कमी होने की दशा में ही नहीं बल्कि अच्छी दशा में भी हमें अनावश्यक खर्च नहीं करने चाहिए।क्योंकि पैसों (Money) के पहिए लगे हुए होते हैं और कब हमें पैसों की कमी पड़ जाए यह नहीं कहा जा सकता।

03- शादी विवाह जैसे समारोहों में अनावश्यक खर्चों से बचना चाहिए | Unnecessary Expenses Should Be Avoided In Ceremonies Like Marriage

प्राय: हम लोग शादी विवाह तथा जन्मदिन जैसे समारोहों में बहुत अधिक पैसा खर्च कर देते हैं। खासकर शादी जैसे सामारोह में तो व्यक्ति अपने जीवनभर की कमाई लगा देता है। यहां तक कि कई बार लोगों से उधार लेकर भी शादियां की जाती हैं। जबकि इस प्रकार के समारोह में अनावश्यक खर्चों (Unnecessary Expenses) से बचने का प्रयास करना चाहिए।

बहुत से लोग समाज और रिश्तेदारों के सामने अपनी इज्जत को बचाने के नाम पर भी ऐसा करते हैं। परंतु यह बात बिल्कुल भी ठीक नहीं है। हमें सिर्फ दिखावे के नाम पर बहुत अधिक पैसा खर्च करने की कोई आवश्यकता नहीं है। ध्यान रहे इस प्रकार के समारोह में बहुत अधिक पैसा ना खर्च करके उन्हीं पैसों का हम अपने आने वाले जीवन में भी सदुपयोग कर सकते हैं।

04- जीवन बीमा जैसे सेविंग प्लांस में इन्वेस्टमेंट | Investing In Savings Plans Like Life Insurance (LIC)

बचत करने के लिए आजकल जीवन बीमा, म्यूचल फंड और शेयर मार्केट जैसे बहुत सारे ऑप्शंस मार्केट में मौजूद हैं।

हमें अपनी कमाई का कुछ हिस्सा इन क्षेत्रों में इन्वेस्टमेंट करके भी रखना चाहिए। जहां उच्च एवं उच्च मध्यवर्ग के लिए शेयर मार्केट एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है तो वहीं मिडल क्लास फैमिली के लिए जीवन बीमा (Life Insurance) बहुत ही अच्छा ऑप्शन होता है।

क्योंकि इसमें ना सिर्फ जीवन बीमा ही प्राप्त होता है बल्कि थोड़ा-थोड़ा करके हमारी कुछ बचत भी हो जाती है।

05- क्रेडिट कार्ड का बेहिसाब इस्तेमाल ना करें | Don’t Use Credit Card Excessively

आमतौर पर यदि हमारे पास कोई क्रेडिट कार्ड (Credit Card) उपलब्ध हो एवं हम ऑनलाइन (Online) वस्तुएं सर्च कर रहे हों तो कोई भी वस्तु पसंद आने पर हम तुरंत ही क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करके उस वस्तु को खरीद लेते हैं। परंतु हमें इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधा पर हमें बहुत अधिक ब्याज देना पड़ता है।

इसलिए क्रेडिट कार्ड आदि का प्रयोग भी बहुत विकट एवं आवश्यक परिस्थितियों में ही करना चाहिए। बेवजह एवं जरूरत से ज्यादा क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना कई बार हमारे लिए फाइनेंशियल क्राइसिस पैदा कर सकता है। इसीलिए इमरजेंसी की परिस्थिति एवं बहुत आवश्यक कार्यों के लिए ही क्रेडिट कार्ड का प्रयोग करना चाहिए।

06- मेडिक्लेम पॉलिसी खरीदकर रखना | Buy Mediclaim Policy

हमारी कमाई का एक बड़ा हिस्सा स्वास्थ्य के क्षेत्र में खर्च होता है। छोटी-छोटी बीमारियों से लेकर कई बार ऐसी बीमारियां हो जाती हैं जब इमरजेंसी में हमें बहुत से पैसे खर्च करने पड़ जाते हैं और हमारी सेविंग खत्म हो जाती है।

ऐसी स्थिति से बचने के लिए हमें पहले से ही मेडिक्लेम पॉलिसी (Mediclaim Policy) करवाकर रखनी चाहिए। क्योंकि मेडिक्लेम पॉलिसी जरूरत के समय में हमारे लाखों रुपए बचाने का काम करती है। हो सकता है मिडल क्लास फैमिली इस बारे में बिल्कुल भी ना सोचती हो परंतु उच्च वर्ग के अधिकतम लोग मेडिक्लेम पॉलिसी करवाकर रखते हैं, जो जरूरत पड़ने पर उनके लाखों रुपए बचाती है।

07- परिवार के साथ निवेश की जानकारी | Information About Investing With Family

हममें से बहुत से लोग अपने द्वारा निवेश किए गए पैसों की जानकारी अपने परिवार वालों को नहीं देते हैं। जबकि यह बहुत जरूरी माना जाता है। हमें अपने जीवन बीमा ही नहीं बल्कि बैंक आदि में भी परिवार के लोगों को नॉमिनी बनाना चाहिए। तथा उन्हें हर प्रकार के निवेश की जानकारी भी अवश्य देनी चाहिए।

ताकि किसी भी प्रकार की परिस्थिति में परिवार वालों को उसका फायदा मिल सके।

08- किसी भी निवेश से पहले करें योजना का निर्माण | Make A Plan Before Making Any Investment

हमें अपने द्वारा किए जा रहे किसी भी प्रकार के निवेश से पहले संपूर्ण योजना बनानी चाहिए एवं उस पर गहन विचार करने के पश्चात ही निवेश करना चाहिए। क्योंकि कई बार जल्दबाजी की स्थिति में हम अपना काम खराब कर लेते हैं।

इसलिए हम जब भी कहीं निवेश करें तो उससे पहले हमें अपनी आय एवं व्यय आदि के बारे में अच्छी तरह से विचार विमर्श अवश्य कर लेना चाहिए।

09- जल्दबाजी में ना करें निवेश | Don’t Invest In Haste

अनेकों बार ऐसी परिस्थितियां बनती हैं जब कोई कंपनी या व्यक्ति हमें किसी बहुत ही फायदेमंद स्कीम या योजना के बारे में बताता है। और हम बिना सोचे समझे ही उस स्कीम के लालच में फंसकर अपना पैसा (Money) इन्वेस्ट कर देते हैं।

परंतु समझदारी इसी बात में है कि हम जब भी कभी किसी भी स्कीम या योजना में अपना पैसा इन्वेस्ट करें तो उससे पहले उस स्कीम या योजना की सत्यता की भली भांति प्रकार से जांच अवश्य कर लें। अन्यथा हमारे द्वारा निवेश किए गए पैसे (Money) बर्बाद हो सकते हैं।

10- निवेश किए गए पैसों पर ध्यान रखना | Keeping Track of Money Invested

हमें अपने पैसों (Money) का ना सिर्फ सोच समझकर इन्वेस्ट ही करना चाहिए बल्कि एक निश्चित अंतराल पर उन पैसों पर ध्यान भी देना चाहिए।

यदि उस जगह पर हमारे पैसों का विकास ना हो रहा हो या हमें कोई फायदा ना पहुंच रहा हो तो ऐसी स्थिति में हमें अपने पैसों (Money) को वहां से निकालकर किसी दूसरी जगह इन्वेस्ट करना चाहिए।

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