Hit enter after type your search item

Generations Of Computer | कंप्यूटर की समस्त पीढ़ियां

कंप्यूटर जनरेशन (Generations Of Computer) : आज के इस वर्तमान समय में कंप्यूटर की क्या उपयोगिता (Uses of Computers) है, इस बात से हम सभी भली भांति परिचित हैं। परंतु हम में से बहुत ही कम लोगों को यह पता होगा कि जितने सरल तरीके से हम आज के कंप्यूटर का उपयोग करते हैं, वह प्रारंभ से ही ऐसा नहीं था।

कंप्यूटर जनरेशन (Generations Of Computer) का जो वर्तमान स्वरूप आप आज देख रहे हैैं, वो इस तरह का नही होता था। शुरुआती’ कंप्यूटर का आकार काफी बड़ा होता था और वह एक बड़े मकान अथवा कमरे की भांति बड़े होते थे।

धीरे धीरे क्रमिक विकास के दौरान इन कंप्यूटर में लगातार बदलाव होते चले गए। जिसे हम Generations Of Computer  के नाम से जानते हैं। अभी तक 5 जनरेशन के कंप्यूटर हमारे बीच मे आ चुके हैं।

 

generations-of-computer-in-hindi

हालांकि कंप्यूटर का विकास लगभग 16 शताब्दी से ही आरंभ हो गया था। जिसके पश्चात आज धीरे धीरे और विकसित होते होते आधुनिक कंप्यूटर का परिणाम हमारे सामने हैं। समय के साथ-साथ कंप्यूटर के आकार, प्रकार, कार्य से लेता तथा कार्य प्रणाली आदि में भी काफी सुधार आया है वर्तमान समय के दौर के कंप्यूटर काफी आधुनिक एवं विकसित हो चुके हैं।

कंप्यूटर की समस्त पीढ़ियां (Generations Of Computer)

तो आइए जानते हैं कि प्रारंभिक कंप्यूटर और वर्तमान कंप्यूटर के बीच में ऐसे कौन कौन से बदलाव हुएं और वो कौन कौन सी पीढ़ियां (Generations Of Computer) हैं।

पहली पीढ़ी के कंप्यूटर | First Generations Of Computer

1942 से लेकर 1955 के बीच में प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर का विकास हुआ। प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर में वैक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल किया जाता था, जिसकी वजह से इसका आकार बहुत बड़ा होता था। प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर बिजली की खपत भी बहुत ज्यादा करते थे। उपरोक्त के अलावा इसमें जो ट्यूब होती थी वो बहुत ज्यादा गर्मी पैदा करती थी। इसलिए यहां पर ए.सी का इस्तेमाल किया जाता था।

इस कंप्यूटर की सबसे बड़ी बात ये थी कि उसमें विंडोज या ऑपरेटिंग सिस्टम नही होता था। इसे चलाने के लिए जो प्रोग्राम यूज़ किये जाते थे वो कंप्यूटर पंच कार्ड में स्टोर करके रखे जाते थे। इसलिए इसमें डेटा स्टोर करने की जो क्षमता थी वह बहुत कम होती थी।

साथ मे ये जो कंप्यूटर थे बहुत धीमें चला करते थे। यदि प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर की भाषा की बात की जाए तो इन कंप्यूटर्स में मशीनी भाषाओं का इस्तेमाल किया जाता था। यानी ये कंप्यूटर मशीनी लैंग्वेज को ही समझा करते थे।

दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर | Second Generations Of Computer

इन कंप्यूटर का विकास 1956 से 1963 के बीच में हुआ। आकार की बात की जाए तो प्रारंभिक पीढ़ी के कंप्यूटर से इनका आकार थोड़ा छोटा हो गया था। क्योंकि यहाँ पर वैक्यूम ट्यूब की जगह पर ट्रांसस्टर्स का इस्तेमाल किया जाने लगा था। ट्रांसस्टर्स वैक्यूम ट्यूब से बेहतर हुआ करता था।

इन कंप्यूटर में मशीनी भाषा के स्थान पर असेंबली लैंग्वेज का इस्तेमाल हुआ। परन्तु डेटा स्टोर करने के लिए अभी भी यहां पर पंच कार्ड को ही यूज़ किया जाता था। हालांकि आकार के हिसाब से और बिजली की खपत के हिसाब से ये कंप्यूटर पहली पीढ़ी के कंप्यूटर से बेहतर हो चुके थे।

तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर | Third Generations Of Computer

इनका विकास 1964 से 1971 के बीच में हुआ था। और ये कंप्यूटर देखने में आज के वर्तमान कंप्यूटर के जैसा ही था। हालांकि मॉनिटर और कीबोर्ड का इस्तेमाल तो किया जाता था लेकिन माउस को अभी भी प्रयोग में नहीं लाया जाता था। ट्रांसस्टर की जगह पर इन कंप्यूटर में इंट्रेग्रटेड सर्किट्स का इस्तेमाल किया जाता था।

इनका आकार बहुत छोटा हो गया था एवं गति भी पहले से अधिक हो गयी थी। पहले कंप्यूटर की जो गति हुआ करती थी वो माइको सेकंड में नापी जाती थी। लेकिन इनकी गति बढ़कर माइक्रोसैकेण्ड से नेनोसेकंड तक पहुंच गयी थी। यानी ये उससे ज्यादा तेजी से कैलकुलेशन करने लग गए थे। और इस कंप्यूटर को कीबोर्ड की सहायता से चलाया जाता था। तो ये पहले से बहुत ज्यादा बेहतर थे और चलाने में आसान थे।

चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर | Fourth Generations Of Computer

इनका जो विकास है 1971 से लेकर अभी तक चल रहा है और ये देखने में हमारे वर्तमान कंप्यूटर के जैसे ही हैं। इस कंप्यूटर में इंट्रेग्रटेड सर्किट के स्थान पर माइक्रोप्रोसेसर का यूज़ किया जाता था। इन कंप्यूटर का आकार छोटा होने के साथ साथ इनकी स्पीड बहुत अधिक बढ़ गयी थी। कैलकुलेशन करने के साथ-साथ में इनकी रफ्तार तथा नेटवर्क के क्षेत्र का भी विकास हुआ।

यहां पर पहली बार ऑपरेटिंग सिस्टम में MS डोज़ का विकास हुआ और धीरे धीरे करके MS डोज थी, उसका विकास माइक्रोसॉफ्ट के विंडोज के रूप में हो गया था। ज्यादातर कंप्यूटरों में ऑपरेटिंग सिस्टम के तौर पर विंडोज आने लग गया था। इस वजह से यहाँ पर मल्टीमीडिया का विकास भी हुआ और जो प्रोग्रामिंग भाषा थी वो सी लैंग्वेज हो गयी।

धीरे धीरे करके ये जो कंप्यूटर थे आज के वर्तमान कंप्यूटर के रूप में बदलने लगे। इसमें ढ़ेर सारी चीज़ें आने लगी हैं। इसमें हम म्यूजिक भी सुनते हैं, इंटरनेट भी चलाते हैं और एकसाथ ढ़ेर सारे काम भी कर सकते हैं। ग्राफिकल यूजर इंटरफ़ेस आने के बाद से तो बहुत सारे बदलाव हो गए हैं।

पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर | Fifth Generations Of Computer

धीरे धीरे करके ये जो कंप्यूटर थे इन्होंने हमारे घरों में, ऑफिस में एवं स्कूलों में हर एक स्थान पर अपनी जगह बनाली और इनकी जो पहुंच थी वो हर आम आदमी के घरों तक हो गयी। धीरे धीरे विकास की ये पीढ़ी अब और अधिक आगे बढ़ने लगी है और अब All Generations Of Computer के अंतर्गत अब आने लगे है 5 पीढ़ी के कंप्यूटर।

इन कंप्यूटर का विकास अभी भी जारी है और यहाँ पर अब इस्तेमाल होने लग गया है आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस। यानी ए आई जिसमें आप आमतौर पर देंखते होंगे अपने मोबाइल फ़ोन पर गूगल असिस्टेंट है, अलेक्सा है या कॉर्नेट है। और ये धीरे धीरे अपने आप को डेवेलप भी कर रहे हैं। इन्हें भविष्य का कंप्यूटर (Computer Of Future) भी कहा जाता है।

यह भी पढ़ें:

 

उम्मीद करते हैं कि आपको हमारी यह जानकारी अवश्य पसंद आई होगी। आप कमेंट सेक्शन में जाकर हमारे साथ अपनी राय को साझा कर सकते हैं। यदि आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई हो तो इसे अधिक से अधिक लोगों के बीच शेयर अवश्य करें !

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This div height required for enabling the sticky sidebar